बुधवार, 5 फ़रवरी 2014

ज न्म- दिन का उपहार : प्रिया छवि में-3

प्रिया:रांची में-3 




ज न्म- दिन का उपहार : प्रिया छवि में-2

प्रिया:रांची में-2








ज न्म- दिन का उपहार : प्रिया छवि में -1

प्रिया



   :रांची में 

ज न्म- दिन का उपहार : प्रिया छवि में

उपहार : न्म- दिन का: प्रिया को

(प्रिया-परिवार की छांव में )


  

मंगलवार, 4 फ़रवरी 2014

ज न्म- दिन: प्रिया का


 प्रिया
जन्म- दिन की ढेर-सारी शुभकामनाएं        

आए गए
वेग कितने
इस छोटे से
जीवन में ।
टकराए वे
अदम्य उत्साह से
उससे
रही
खड़ी
वह
मुस्कराती
अपने घर के
दरवाजे पर ।

कर्म
तप
सार
जीवन का
यह सीखा
अपने
वर्तमान से।
और धूप-छाँव को
गले लगाया
सुखद बनाया
जीवन को ।

सौम्य-
शालीनता
की
प्रतिमा
मोहित करती है
सबको
सामंजस्य के
गहरे रंग से।
नपा-तुला
सम्भाष्ण उसका
प्रिय लगता है
सबको ।
पर
मौन उसका तो
और प्रखर है!

यों वह
बिटिया है मेरी
पर
नारी का

गौरव है वह !